आश्रम के बारे में

द्वारिकाधीश परिक्रमा रोड झालरापाटन, जिला झालावाड़, राजस्थान में स्तिथ
माँ आदि शक्ति कुंडलिनी योग शक्ति पीठ धाम विश्व पटल पर अध्यात्म जगत में एक ऐसा संस्थान होगा,
जहां पर सत्य सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों को फिर से अक्षरशः  पुनर्जीवित करने का साधनात्मक अनुसंधानात्मक कार्य किया जाएगा।

कुंडलिनी साधना के गूढ़ रहस्यों को सहजता से सुलझाने के साथ योग विज्ञान के संपूर्ण तत्वदर्शन को उद्घाटित करने का प्रयास माँ के इस दिव्य धाम में होगा।
कुंडलिनी साधना के क्षेत्र में जो अज्ञान का अंधकार व्याप्त हो चुका है, उसे हटाकर भारतवर्ष ही नहीं अपितु संपूर्ण भूमंडल में फिर से भक्ति एवं शक्ति का आलोक प्रकाशित करने का संकल्प बध्द प्रयास मां के धाम से किया जाएगा ।
वैदिक सत्य सनातन सिद्धांतों को जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लेकर के जगत जननी माँ का यह धाम भारतवर्ष को फिर से विश्व गुरु की पदवी पर आसीन करने के उद्देश्य से अपनी क्रिया प्रणाली का निर्धारण एवं कार्यान्वयन करेगा।

माँ के इस धाम में हर गतिविधि निशुल्क होगी। आत्म जनों के द्वारा माँ के चरणों में समर्पित की गई दान राशि ही मुख्यतः इस धाम की आय का मुख्य स्रोत होगा।

प्रारंभिक स्तरपर होनेवाले कार्य

  • नियमित कुंडलिनी जागरण ध्यान साधना अभ्यास
  • दैनिक हवन
  • धाम में पधारने वाले साधक भाइयों -बहनों की जिज्ञासाओं का समाधान
  • निशुल्क भोजन व्यवस्था
  • निशुल्क आवासीय व्यवस्था
  • गौ सेवा
  • माँ आदि शक्ति प्रकृति के आंचल को सुंदर से सुंदरतम बनाने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण कार्य करना

धन की उपलब्धता के अनुसार क्रमशः धाम के कार्यों का विस्तार करते हुए

  • वैदिक गुरुकुलम की स्थापना
  • नेचुरोपैथी चिकित्सा एवं आयुर्विज्ञान पर आधारित अनुसंधानात्मक चिकित्सा केंद्र स्थापित करना
  • माँ के धाम में समुचित व्यवस्था होने के पश्चात कुंडलिनी साधना  एवं वैदिक ज्ञान से संबंधित तीन दिवसीय, पांच दिवसीय ,साप्ताहिक ,पाक्षिक एवं मासिक साधना प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन  किया जाएगा
  • इन शिविरों में कुंडलिनी साधना ,यज्ञ विज्ञान एवं आत्मज्ञान का संपूर्ण तत्व दर्शन आगम एवं वैदिक ग्रंथों के आधार पर समझाया जाएगा। जिससे कि सनातन धर्म के अनुयायियों को सत्य सनातन धर्म के वास्तविक तत्व दर्शन का आत्म बोध प्राप्त हो सके एवं धर्म अनुयायी बंधु जन सनातन धर्म की विशिष्टता को स्वयं आत्मसात कर सकें।
  • धर्म की रक्षा के लिए शक्ति एवं शस्त्र विद्याओंका पूर्ण ज्ञान दिया जायेगा